Guruvar Vrat – गुरुवार या बृहस्पतिवार का दिन भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है। यह दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। गुरुवार व्रत का पालन करने से जीवन की अनेक समस्याओं का समाधान होता है। इस लेख में हम गुरुवार व्रत के महत्व, इसकी विधि और लाभों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
गुरुवार व्रत का महत्व
गुरुवार व्रत भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने और गुरु ग्रह को मजबूत करने के लिए किया जाता है। इस व्रत से वैवाहिक जीवन में सुख और शांति आती है। यह व्रत घर में धन, अन्न और वैभव की वृद्धि करता है। साथ ही, यह शादी, नौकरी और अन्य समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है।
गुरुवार व्रत की विधि
व्रत शुरू करने का शुभ समय
- किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष से व्रत आरंभ करें।
- फाल्गुन (फूस) महीने में व्रत शुरू न करें।
- अनुराधा नक्षत्र में व्रत शुरू करना विशेष शुभ माना जाता है।
गुरुवार व्रत की पूजन सामग्री
- भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर।
- पीले वस्त्र, चने की दाल, गुड़, केले, गंगा जल, पीली मिट्टी।
गुरुवार व्रत की पूजन विधि
प्रातः स्नान कर स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें। भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा करें। केले के पेड़ की पूजा करें और उसमें जल तथा चने की दाल अर्पित करें। गौ माता को गूंथा हुआ आटा, गुड़ और चने की दाल खिलाएं। अंत में विष्णु भगवान की कथा सुनें।
उद्यापन (समापन)
सात गुरुवार तक व्रत करने के बाद उद्यापन करें। ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दान दें।
गुरुवार व्रत के लाभ
आर्थिक समृद्धि
यह व्रत करने से घर में धन और अन्न की कभी कमी नहीं होती।
शादी में रुकावटों का नाश
जिनके विवाह में रुकावटें आ रही हैं, उन्हें यह व्रत अवश्य करना चाहिए।
नौकरी और तरक्की
व्रत रखने से नौकरी में सफलता और तरक्की प्राप्त होती है।
गृह क्लेश का अंत
यह व्रत घर के सदस्यों के बीच प्रेम और शांति बनाए रखने में सहायक है।
गुरु ग्रह की स्थिति में सुधार
कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर हो तो यह व्रत उसे मजबूत करता है।
गुरुवार व्रत के दौरान ध्यान देने योग्य बातें
- व्रत के दिन पीले वस्त्र पहनें और पीले रंग के खाद्य पदार्थ का सेवन करें।
- केले का फल स्वयं न खाएं, बल्कि दूसरों में बांटें।
- व्रत के दिन बाल न कटवाएं और मांसाहार का त्याग करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. क्या पुरुष भी गुरुवार व्रत कर सकते हैं?
हां, यह व्रत पुरुष और महिलाएं दोनों कर सकते हैं।
2. क्या कुंवारी लड़कियां यह व्रत कर सकती हैं?
हां, कुंवारी लड़कियां इस व्रत को अपने अच्छे जीवन साथी की प्राप्ति के लिए कर सकती हैं।
3. व्रत के दौरान कौन-कौन से खाद्य पदार्थ खाए जा सकते हैं?
फलाहार करें और हल्के भोजन में चने की दाल और गुड़ का प्रयोग करें।
4. क्या व्रत में कथा सुनना अनिवार्य है?
हां, गुरुवार व्रत की कथा सुनना शुभ फलदायक होता है।
5. व्रत में कौन-से दिन व्रत शुरू करना उचित नहीं है?
फाल्गुन (फूस) महीने में व्रत शुरू न करें।
6. अगर उद्यापन न किया जाए तो क्या होगा?
उद्यापन करना आवश्यक है, इससे व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
गुरुवार व्रत करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है। इस व्रत को पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ करें और भगवान विष्णु तथा बृहस्पति देव की कृपा प्राप्त करें।